नेपाल में गुरुवार को 12वीं राष्ट्रीय जनगणना के लिए गिनती शुरू की गई। नेपाल ने कहा कि वह लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा में राष्ट्रीय जनगणना के लिए अपने भारतीय समकक्षों से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है। इन भारतीय क्षेत्रों को नेपाल अपना बताता है। इसे लेकर दोनों देशों में सीमा विवाद है।
नेपाल की कैबिनेट ने पिछले वर्ष मई में भारत के साथ सीमा विवाद के बीच लिपुलेख, कालापानी व लिंपियाधुरा को अपने क्षेत्र में दिखाते हुए नया राजनीतिक नक्शा जारी किया था। भारत ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे एकतरफा कार्रवाई बताया था। साथ ही काठमांडू को आगाह किया कि क्षेत्रीय दावों का ऐसा कृत्रिम विस्तार स्वीकार नहीं होगा। भारत ने भी नवंबर 2019 में एक नया नक्शा प्रकाशित किया था जिसमें इन क्षेत्रों को अपने क्षेत्रों के रूप में दिखाया गया था।
केंद्रीय सांख्यिकी ब्यूरो, नेपाल (सीबीएस) के महानिदेशक, नबीन लाल श्रेष्ठ ने जनगणना की शुरुआत पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हम इन तीन क्षेत्रों में जनगणना करने के लिए विदेश मंत्रालय के माध्यम से भारतीय अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। श्रेष्ठ ने कहा कि वह विवादित क्षेत्रों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए उपग्रह प्रौद्योगिकी के प्रयोग की योजना बना रहे हैं।
सीबीएस के सूचना अधिकारी तीर्थ चौलागाई ने कहा कि हमें डेटा जुटाने को क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए वहां तैनात भारतीय सुरक्षा कर्मियों से अनुमति की जरूरत है। हम इसके लिए राजनयिक चैनलों के माध्यम से प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विवादित क्षेत्र के पांच गांवों में करीब 700 से 800 की आबादी निवास करती है। वहां के घरों को जनगणना के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
राजनाथ-जयशंकर से मिल नेपाल के सेना प्रमुख
इस बीच नेपाल के सेना प्रमुख जनरल प्रभु राम शर्मा ने गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान शर्मा ने दोनों नेताओं द्विपक्षीय रक्षा और सुरक्षा सहयोग से जुड़े विषयों पर चर्चा की। जनरल शर्मा ने दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और प्रगाढ़ करने के तरीके तलाशने पर ध्यान केंद्रित करने के साथ मंगलवार को भारत की चार दिवसीय यात्रा शुरू की।
मुलाकात को लेकर जयशंकर ने ट्वीट कर कहा कि नेपाल के सेना प्रमुख जनरल प्रभु राम शर्मा से मुलाकात कर खुशी हुई। उनका यह दौरा हमारे संबंधों की निकटता को रेखांकित करता है। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि राजनाथ सिंह और जनरल शर्मा की मुलाकात के दौरान द्विपक्षीय रक्षा और सुरक्षा सहयोग से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। वर्ष 1950 में शुरू हुई परंपरा को जारी रखते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को जनरल शर्मा को ‘भारतीय सेना के जनरल’ की मानद उपाधि से विभूषित किया था।