चीन की सरकार ने एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित कर राष्ट्रपति शी जिनपिंग के आगे भी राष्ट्रपति बने रहने का रास्ता साफ कर दिया है। इसके साथ ही स्कूलों में जिनपिंग के विचार पढ़ाए जाने का भी फैसला लिया गया है। यह प्रस्ताव चार दिन चले एक उच्च स्तरीय सत्र के दौरान पारित किया गया, जिसका गुरुवार को समापन हो गया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट...
चीन में सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना ने गुरुवार को एक उच्च स्तरीय सम्मेलन में एक अहम प्रस्ताव को पारित कर दिया। 100 वर्षों में पार्टी की मुख्य उपलब्धियों पर इस प्रस्ताव में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए भी (संभवत: इसके बाद भी) रास्ता साफ कर दिया गया है। इसमें जिनपिंग को माओ त्से तुंग और डेंग शायोपिंग के बाद चीन का सबसे बड़ा नेता घोषित किया गया है।
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पार्टी के 100 साल के इतिहास में यह अपनी तरह का तीसरा प्रस्ताव है। इससे पहले पार्टी के संस्थापक माओ और उनके बाद पार्टी की कमान संभालने वाले डेंग शायोपिंग ने ऐसा प्रस्ताव पारित किया था। इस प्रस्ताव की आठ से 11 नवंबर तक बीजिंग में हुए 19वीं सीपीसी केंद्रीय समिति के छठे पूर्ण सत्र के दौरान समीक्षा की गई और इसे पारित कर दिया गया। शुक्रवार को पार्टी एक प्रेसवार्ता करेगी।
पूर्ववर्तियों से जुदा राह पर जिनपिंग लगातार तीसरी बार राष्ट्रपति बनेंगे
सत्र का समापन होने के बाद पार्टी ने एक 14 पन्नों का संवाद पत्र जारी किया है। इसमें जिनपिंग के नेतृत्व और पार्टी में उनकी हैसियत के बारे में जिस तरह से बात की गई है वह साफ बताता है कि राष्ट्रपति के तौर पर लगातार दो कार्यकाल पूरे करने के बाद वह अगले साल तीसरी बार भी राष्ट्रपति बने रहेंगे। माना जा रहा है कि अपने पूर्ववर्तियों की तरह जिनपिंग पद नहीं छोड़ेंगे और चीन की सत्ता संभालते रहेंगे।
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स्कूलों में पढ़ाए जाएंगे जिनपिंग के विचार, विरोध में बयानबाजी अपराध
चार दिन चले इस सत्र के दौरान एक ऐतिहासिक संकल्प पत्र भी जारी किया गया। सीपीसी अब ऐसा पाठ्यक्रम लाई है जिसके तहत चीन के स्कूल-कॉलेजों में जिनपिंग के विचार पढ़ाया जाएगा। इसके अलावा अब जिनपिंग के खिलाफ बयान देना अपराध माना जाएगा। पहले ही अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कोई महत्व नहीं देने वाला चीन अब इसे पूरी तरह समाप्त करने की राह पर चलता दिखाई दे रहा है।
शी से पहले किसी ने दो कार्यकाल से अधिक नहीं संभाला राष्ट्रपति पद
जिनपिंग से पहले राष्ट्रपति पद संभालने वाले सभी नेता या तो अधिकतम दो कार्यकाल के लिए पद पर रहे हैं या संविधान के नियम के अनुसार 68 साल की आयु पर सेवानिवृत्त हुए हैं। शी जिनपिंग आगे भी इस पद पर बने रहें इसके लिए साल 2018 में संविधान में संशोधन करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। कम्युनिस्ट पार्टी का कहना है कि जिनपिंग के नेतृत्व में चीन में समाजवाद के एक नए युग की शुरुआत हुई है।