पीपीपी (पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी) की ओर से बिलावल भुट्टो प्रधानमंत्री पद का चेहरा थे। लेकिन, आठ फरवरी को हुए मतदान के बाद उनकी पार्टी नेशनल असेंबली में 54 सीट पर जीत हासिल कर पाई। जब पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पीटीआई (पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ) द्वारा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों ने 90 से ज्यादा सीट पर जीत दर्ज की। सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को 133 सीट का आंकड़ा छूना होगा।
चुनाव के बाद पीपीपी और पीएमएल-एन (पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज) ने गठबंधन किया है। उनके शीर्ष नेतृत्व के बीच कई बैठकें हो चुकी हैं। लेकिन इसके बावजूद सत्ता साझेदारी के फॉर्मूल पर कोई आम सहमति नहीं बन पाई है। पीएमएल-एन नेताओं के मुताबिक, पांचवें दौर की बैठक के दौरान वार्ता में कामयाबी मिलने की उम्मीद है और वार्ता खत्म होने के बाद दोनों पक्षों की ओर से औपचारिक रूप से घोषणा की जाएगी।
इससे पहले सिंध प्रांत में पीपीपी की चुनावी विजय की एक रैली में बिलावल ने कहा था, मुझे (पीएमएल-एन द्वारा) कहा गया कि हमें तीन साल के लिए प्रधानमंत्री बने रहने दीजिए और फिर आप बाकी दो साल के लिए प्रधानमंत्री का पद संभाल सकते हैं। मैंने इसके लिए मना कर दिया। मैंने कहा कि मैं इश तरह प्रधानमंत्री नहीं बनना चाहता। मैं तभी प्रधानमंत्री बनूंगा जब पाकिस्तान के लोग मुझे चुनेंगे। बिलावल ने किसा का नाम लिए बगैर कहा कि पीपीपी ने फैसला किया है कि वह उन लोगों के साथ आगे बढ़ेगी, जो मंत्रालय नहीं मांगेगी।
दोबारा प्रधानमंत्री बनेंगे इमरान खान: फैसल जावेद
इस बीच, पीटीआई के एक वरिष्ठ सदस्य फैसल जावेद ने दावा किया कि चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली ने देश को हिलाकर रख दिया है। उन्होंने दावा किया कि जेल में बंद इमरान फिर से प्रधानमंत्री बनेंगे। जावेद ने पेशावर उच्च न्यायालय से जमानत हासिल करने के बाद कहा कि इमरान मियांवाली क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। डॉन अखबार ने उनके हवाले से कहा, अल्लाह ने चाहा तो वह फिर से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनेंगे। इमरान खान ने नेशनल असेंबली के चुनाव के लिए दो सीटों लाहौर और मियांवाली से नामांकन पत्र दाखिल किया था। लेकिन चनाव आयोग ने उनके नामांकन पत्र को खारिज कर दिया था।