इससे पहले, सऊदी अरब के हज और उमरा मंत्री डॉ. तौफीक बिन फौजान अल-रबिया ने दिसंबर की शुरुआत में भारत की पहली यात्रा की थी। इस दौरान उन्होंने सरकारी साइट 'नुसुक' की बैठक में भाग लिया था। नुसुक को सऊदी अरब द्वारा इलेक्ट्रॉनिक वीजा प्राप्त करने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और उमरा और मदीना की यात्रा के लिए पहुंच प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए लॉन्च किया गया है।
एक भारतीय यात्रा और पर्यटन (टूर एंड ट्रैवल) एजेंसी के प्रतिनिधि ने जोर देकर कहा कि नुसुक भारतीय आगंतुकों के लिए उमरा की सुविधा में महत्वपूर्ण योगदान देगा, सेवा मानकों को बढ़ाएगा। वहीं, सऊदी पर्यटन प्राधिकरण में एपीएसी मार्केट्स के प्रमुख हसन अल-दबबाग ने उमरा क्षेत्र के लिए एक एकीकृत पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने में मंच की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, इससे सऊदी अरब और वैश्विक स्तर पर, विशेष रूप से भात में निजी क्षेत्र को नुसुक की सेवाओं से लाभ उठाकर रहमान के मेहमानों की सेवा करने की अनुमति मिलती है। उन्होंने कहा, अपने लॉन्च के बाद से नुसुक ने आंकड़े (डाटा) साझा करके, प्रशिक्षण पाठ्यक्रम प्रदान करके और सेवा प्रदाताओं को आगंतुकों के साथ जोड़कर निजी क्षेत्र को सशक्त बनाया है।