मैं जैनब हूं और मेरी उम्र सिर्फ सात साल है। मैं अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के पास स्थित एक कस्बे में रहती हूं। मैंने सिर्फ तालिबान के बारे में अपने अब्बू-मम्मी और भाइयों से सुना था, पर कभी देखा नहीं था।
मुश्किल : 7 साल की जैनब का सवाल में अब स्कूल नहीं जा सकती पर क्यूं?
कुछ दिनों से अब्बू और अम्मी स्कूल भेजने को तैयार नहीं है। वह कहते हैं कि तालिबान को लड़कियों को पढ़ना पसंद नहीं है। अब मुझे तालिबान से डर लगने लगा है।
अंकल के मोबाइल पर देखा तालिबान
पड़ोसी अंकल के घर खेलने गई थी, तब उन्होंने मुझसे पूछा तालिबान को देखा है? मैंने कहा नहीं। उन्होंने मोबाइल में वीडियो दिखाया। उसमें कई लोग बंदूके लेकर घूम रहे थे। लोग उन्हें देखकर भाग रहे थे।
तालिबान ने बेटियों की पढ़ाई के रिकॉर्ड जलाए
तालिबान की वापसी के बाद से अफगानिस्तान में लड़कियों की शिक्षा से जुड़े दस्तावेज जलाए जाने लगे हैं। स्कूल प्रबंधनों के मुताबिक, नए माहौल में छात्रों-अभिभावकों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया है। तालिबान को लड़कियों का पढ़ना पसंद नहीं है। वह कुछ भी कर सकता है।
असुरक्षित महसूस होने पर स्कूल नहीं
जैनब के पिता के मुताबिक, डर सता रहा है। तालिबान के पूरी तरह का काबिज होने पर असुरक्षित लगा तो जेनब को स्कूल नहीं भेजूंगा। जैनब को स्कूल जाना पसंद है। हालात थोड़े ठीक हो रहे तो वह स्कूल जाएगी क्योंकि पढ़ेगी, तभी उसका भविष्य संवर सकेगा।