अमेरिका में वैक्सीन बनाने वाली कंपनी नोवावाक्स ने एक बयान जारी कर कहा कि वो साल की दूसरी छमाही तक दुनिया में कोरोना वायरस से बुरी तरह से प्रभावित देशों तक वैक्सीन पहुंचाने के अपने टारगेट का हासिल कर लेगा। बता दें कि नोवावाक्स के साथ मिलकर ही सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया अपनी वैक्सीन बना रहा है।
बुरी तरह प्रभावित देशों की करेंगे मदद
नोवावाक्स के एक प्रवक्ता ने अंग्रेजी मीडिया वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में कहा कि गावी (GAVI) के साथ हमारा अग्रिम क्रय समझौता यह सुनिश्चित करता है कि हमारी वैक्सीन दुनिया के सभी देशों के लिए उपलब्ध हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इनमें सबसे बुरी तरह से प्रभावित देश पहले शामिल हैं।
उन्होंने आगे कहा कि हम इस साल की दूसरी छमाही यानी जून तक वैक्सीन बांटने के अपने वैश्विक लक्ष्य को पूरा करने को लेकर पूरा विश्वास रखते हैं। कंपनी ने पिछले हफ्ते जानकारी दी थी कि वो अमेरिका के एफडीए, ब्रिटेन के एमएचआरए और यूरोपियन संघ के ईएमए के नियामक मंजूरी का इंतजार कर रही है। उन्होंने कहा कि इस साल की तीसरी तिमाही यानी जुलाई-सितंबर के बीच इसकी मंजूरी मिल सकती है।
नोवावाक्स की वैक्सीन बनाएगा सीरम इंस्टीट्यूट
इसके अलावा कंपनी ने जानकारी दी कि भारत में नोवावाक्स की वैक्सीन बनाने वाली सीरम इंस्टीट्यूट के अगस्त तक मंजूरी भेजने की उम्मीद है। बता दें कि सीरम इंस्टीट्यूट ने नोवावाक्स की वैक्सीन की एक बिलियन खुराके बनाने पर हस्ताक्षर किया है। मई में नोवावाक्स ने एक बयान में जानकारी दी थी कि कोवाक्स के तहत उच्च आय और मध्यम आय वाले देशों के साथ-साथ 92 निम्न आय वाले देशों को वैक्सीन मिलेगी।