पाकिस्तान भले ही खुद की सरजमीं से आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोपों को नकारता रहा हो, लेकिन आज भी उसकी जमीन से आतंकवाद का भरण-पोषण हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान भी काफी हद तक जिम्मेदार है।
इसका सबूत यहां आजादी से घूम रहे आतंकी और इसकी धरती का आतंक के लिए खुलेआम हो रहा इस्तेमाल है। न्यूयॉक टाइम्स अखबार में छपे एक लेख में यह भी कहा गया है कि कुछ विशेषज्ञों ने आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) को बढ़ावा देने में भी पाक के हाथ होने की आशंका जताई है।
यह किसी से छिपा नहीं है कि पाक खुफिया एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय मुजाहिदीन लड़ाकुओं को मदद करती रही है। इसके भी कई सबूत मिले हैं कि पाकिस्तान तालिबान के साथ है। यह बात न सिर्फ अफगानिस्तान के लिए चिंताजनक है, बल्कि भारत समेत पूरी दुनिया के लिए यह खतरनाक साबित हो सकता है।