इस बारे में जब वेबसाइट पॉलिटिको.ईयू ने टिमेरमैन्स के कार्यालय से संपर्क किया, तो वहां से सफाई दी गई कि टिमेरमैन्स पर दूसरी जिम्मेदारियों का बोझ भी है। उनके एक अधिकारी ने कहा कि जॉन केरी के पास जलवायु वार्ता के अलावा कोई और जिम्मेदारी नहीं है। अधिकारी ने कहा कि ईयू ने जलवायु संरक्षण के लिए फिट फॉर 55 योजना पेश की है, जिस पर ईयू देशों के भीतर आने वाले महीनों में बातचीत की जाएगी। टिमेरमैन्स इसकी तैयारी में भी जुटे रहे हैं।
लेकिन पर्यवेक्षकों का कहना है कि दुनिया के सबसे बड़े उत्सर्जक देशों के साथ ईयू का संपर्क में न रहना चिंताजनक है। थिंक टैंक ई3जी में ईयू-चीन रिश्तों के विशेषज्ञ बायफॉर्ड त्सांग ने वेबसाइट पॉलिटिको से कहा- ‘मैं यह आशा करता हूं कि ईयू चीन के साथ जलवायु कूटनीति में अधिक प्रभावी भूमिका निभाएगा। लेकिन अभी ऐसा नहीं हो रहा है। मेरी राय में इसका बड़ा कारण विभिन्न देशों के द्विपक्षीय संबंध हैं।’
यूरोपीय आयोग के एक प्रवक्ता ने कुछ रोज पहले कहा कि टिमेरमैन्स जल्द ही शिये झेनहुआ से बात करेंगे। प्रवक्ता ने कहा कि टिमेरमन्स का दूसरे अंतरराष्ट्रीय भागीदारों से संपर्क बना हुआ है। कॉप-26 की तारीख करीब आने के साथ इसमें और तेजी आएगी। लेकिन पर्यवेक्षकों का कहना है कि ईयू की असल समस्या यह है कि हाल में चीन के साथ उसके संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं। इस कारण चीन जलवायु वार्ता में उसे ज्यादा तरजीह नहीं दे रहा है।