पर्यवेक्षकों का कहना है कि अफगानिस्तान में बने नए हालात के बाद अब अमेरिका विरोधी देशों का रुख अधिक सख्त हो जाने की संभावना है। इस सिलसिले में हफ्ते भर पहले एक पश्चिमी समाचार एजेंसी की तरफ से दी गई इस खबर का जिक्र किया गया है कि ईरान ने यूरेनियम संवर्धन की गति तेज कर दी है।
एजेंसी ने ये खबर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा ऐजेंसी (आईएईए) के हवाले से दी थी। इसमें कहा गया कि ईरान अब 60 फीसदी तक यूरेनियन का संवर्धन कर रहा है। पहले वह ऐसा 20 फीसदी तक कर रहा था। इस रिपोर्ट के मुताबिक पिछले अप्रैल में ईरान के परमाणु संयंत्र नातान्ज में हुए जोरदार धमाके के बाद ईरान ने यूरेनियन संवर्धन की रफ्तार तेज कर दी।
इस समय वियना में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों और जर्मनी के साथ ईरान की परमाणु डील को लेकर बातचीत चल रही है। मकसद यह है कि अमेरिका फिर से इसमें शामिल हो। लेकिन रूसी राजनयिक पोलांस्की ने कहा कि उन्हें जितनी जानकारी है, ऐसा समझौता होने की अभी कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले में पूर्व ट्रंप प्रशासन और मौजूदा बाइडन प्रशासन के रुख में कोई फर्क नहीं है। उन्होंने कहा- ‘हम इस नीति की निंदा करते हैं।’
पर्यवेक्षकों ने पोलांस्की के इस बयान को ईरान के साथ रूस की उभर रही एक धुरी का संकेत माना है।