पिछले दस महीने से बंद पड़ी भारत-नेपाल की कुछ सीमाएं अब खोल दी गई हैं। कोविड-19 के खतरे को ध्यान में रखते हुए अभी यहां से किसी भी भारतीय नागरिक के नेपाल जाने पर रोक लगाई गई थी। सुदूर पश्चिम प्रांत की ये तीन सीमाएं हैं – बैटाडी का झूलाघाट, धारचुला का खलंगा और पुलघाट। कैलाली और कंचनपुर की दो अन्य सीमाएं पहले ही खोली जा चुकी हैं। इन सीमाओं को खोलने का फैसला नेपाल सरकार ने अपनी कैबिनेट की बैठक में लिया था।
इससे अब दोनों देशों के नागरिक बेरोकटोक लंबे समय के बाद एक दूसरे देश में आ जा सकेंगे। नेपाल सरकार ने कोविड-19 की घटती संख्या को देखते हुए नागरिकों को तमाम छूट देना शुरू कर दिया है और जीवन को सामान्य करने की दिशा में स्थानीय प्रशासन भी जुट गया है।
भारत से लगी सीमाएं खोलने के फैसले के बाद स्थानीय नागरिकों को फिर से सामान्य तरीके से आवागमन के लिए स्थानीय प्रशासन प्रोत्साहित कर रहा है, लेकिन एहतियात के तौर पर मास्क और सैनिटाइजेशन को अनिवार्य रखा गया है। फिलहाल अभी भारत और नेपाल के लोगों के लिए आने-जाने के लिए ही ये सीमाएं खोली गई हैं, लेकिन किसी तीसरे देश के नागरिक इस रास्ते नेपाल नहीं जा सकेंगे।