अफगानिस्तान में तालिबान द्वारा संपूर्ण कब्जे के बाद से वहां दहशत का माहौल बना हुआ है। लोग सामान लिए बिना जैसे-तैसे देश छोड़कर जा रहे हैं। वहीं इन सब के बीच अपनी जान बचाकर आई अफगान की गर्भवती महिला के लिए अमेरिकी एयरफोर्स के जवान किसी देवदूत से कम साबित नहीं हुए। दरअसल, उड़ते विमान में एक महिला को अचानक लेबर पेन शुरू हो गया। उसकी हालत तेजी से बिगड़ रही थी। इस दौरान विमान के कैप्टन ने जर्मनी में लैडिंग कराई। वहीं काफी मशक्कत के बाद रामस्टीन बेस पर महिला की सुरक्षित डिलीवरी कराई गई। इसके बाद मां और बच्ची दोनों को मेडिकल केयर सेंटर भेजा गया।
जानकारी के अनुसार शनिवार को ही अफगान की महिला अमेरिकी एयरफोर्स के विमान में सवार हुई थी। विमान जैसे ही ऊंचाई पर पहुंचा, तो वह लेबर पेन से तड़पने लगी। इसके बाद काफी मशक्क्त के बाद उसकी डिलीवरी कराई गई। एयरफोर्स के जवान ने इसके पीछे की वजह विमान का एयर प्रेशर कम होना बताया है।
ट्विटर पर जानकारी देते हुए अमेरिकी एयरफोर्स ने रविवार को बताया कि अपनी यात्रा के दूसरे चरण के दौरान महिला C-17 ग्लोबमास्टर में सवार थी। ये फ्लाइट मध्यपूर्व के एक बेस से जर्मनी स्थित एक बड़े अमेरिकी एयरबेस के लिए थी।
बता दें कि महिलाएं और बच्चे जंग के सबसे पहले शिकार होते रहे हैं। काबुल से आ रहीं तस्वीरें इसे मजबूती से बयां करती हैं। कोई मां अपने बच्चों से बिछड़ रही है। कोई मां अपने बच्चों को जानबूझकर खुद से दूर भेज रही है, ताकि उनकी आबरू को खतरा न हो और उन्हें नई जिंदगी मिल सके। वहीं काबुल एयरपोर्ट पर विमान में सवार होने के लिए भीड़ इस तरह जुट रही है जैसे कोई बस स्टेशन हो या रेलवे स्टेशन का अनारक्षित डब्बा। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई तस्वीर में विमान के रनवे पर दौड़ने के साथ उसके पास जुटी लोगों की भीड़ भी दौड़ती दिखाई दी थी।
तालिबान का कब्जा
बता दें कि अफगानिस्तान पर 20 साल के बाद एक बार फिर तालिबान का कब्जा हो गया है। उसने देश के राष्ट्रपति भवन पर भी कब्जा जमा लिया है। वहीं देश में स्थिति भयावह बनी हुई है। लोग बिना सामान लिए देश छोड़कर भाग रहे हैं। वहीं सोमवार को देश छोड़ने की जल्दबाजी में लोग विमान पर जबरन यात्रा करने लगे थे जिसकी वजह से तीन लोगों की मौत भी हो गई।