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तालिबानी संकट: पहले अफगानिस्तान में थे बड़े ओहदे के मंत्री, अब जर्मनी में पिज्जा डिलीवरी करने को हुए मजबूर

Wed, 25 Aug 2021 11:20 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बर्लिन

सार

अफगानिस्तान के पूर्व आईटी मंत्री सैयद अहमद शाह सादत भी जर्मनी में शरण लेने को मजबूर हो गए। उन्हें यहां रोजी-रोटी चलाने के लिए पिज्जा डिलीवरी करने पर मजबूर होना पड़ा है।  
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अफगानिस्तान के पूर्व मंत्री सैयद अहमद शाह सादत - फोटो : Twitter@ eha news
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विस्तार
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अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा होने के बाद से लोगों के साथ-साथ नेताओं में भी दहशत का माहौल बना हुआ है। कई नेता काबुल छोड़कर दूसरे देश में शरण ले रहे हैं। इसी क्रम में अफगानिस्तान के पूर्व आईटी मंत्री सैयद अहमद शाह सादत भी जर्मनी में शरण लेने को मजबूर हो गए। सादत ने यहां रहने का तो प्रबंध कर लिया लेकिन आर्थिक तंगी ने उन्हें उस काम को करने पर मजबूर कर दिया जिसके बारे में कोई नेता सोच भी नहीं सकता। दरअसल उन्हें यहां रोजी-रोटी चलाने के लिए पिज्जा डिलीवरी करने पर मजबूर होना पड़ा है।

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दरअसल, अफगान सरकार में संचार मंत्री रहे सैयद अहमद शाह सादत ने तालिबानी कब्जे के बाद ही अफगानिस्तान छोड़ दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वो इस वक्त जर्मनी में हैं और उनकी तस्वीरें भी सामने आ रही हैं।  ईहा न्यूज ने जो तस्वीरें ट्वीट की हैं, उसमें आप देख सकते हैं कि अफगानिस्तान के पूर्व मंत्री अहमद शाह जर्मनी में पिज्जा डिलीवर कर रहे हैं। वे रोजी रोटी चलाने के लिए साइकिल पर पिज्जा डिलीवरी करने को मजबूर हो गए हैं।



मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सईद लेपजिग शहर में साइकिल से पिज्जा डिलीवरी का काम कर रहे हैं। हालांकि, बताया यह भी जा रहा है कि सईद ने तालिबानी कब्जे से पहले वर्ष 2020 में ही मंत्री पद से इस्तीफा दे दिए थे।  
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बता दें कि राष्ट्रपति अशरफ गनी पहले ही देश छोड़कर भाग गए हैं। वह यूएई में हैं। हाल ही में खुद यूएई की तरफ से पुष्टि की गई थी और कहा गया था कि मानवीय आधारों पर उन्हें शरण दी गई है। 

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