उत्तरकाशी। भटवाड़ी विकासखंड के टकनौर क्षेत्र के लोगों ने केंद्रीय विद्यालय सहित गंगोत्री हाईवे चौड़ीकरण और तहसील में अधिकारियों के बैठने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके क्षेत्र से सबसे अधिक शिक्षा के कारण पलायन हो रहा है। उसके बावजूद भी पिछले चौदह वर्षों से शासन-प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं की गई। साथ ही मात्र उत्तरकाशी से गंगोत्री तक सड़क चौड़ीकरण न होने के कारण विकास पर असर पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को टकनौर क्षेत्र के सभी गांव के जनप्रतिनिधि और ग्रामीण भटवाडी रामलीला मैदान में एकत्रित हुए। वहां पर उन्होंने ढोल-दमांऊ-रणसींगे के साथ पूरे बाजार में रैली निकालकर प्रदर्शन किया। साथ ही शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। रामलीला मैदान में पहुंचने के बाद वहां पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र पर्यटन सहित बागवानी और कृषि के दृष्टिकोण से बहुत ही महत्वपूर्ण है। लेकिन सरकारी विद्यालयों के घटते शिक्षा के स्तर के कारण लोग अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए जनपद मुख्यालय सहित देहरादून तक पलायन कर रहे हैं। मात्र शिक्षा के लिए उन्हें खेती और गांव छोड़ने पड़ रहे हैं। कहा कि केंद्रीय विद्यालय को 14 वर्ष पूर्व स्वीकृति मिलने के बाद ग्रामीणों ने भूमि भी दी थी। साथ ही वैकल्पिक व्यवस्था के लिए विद्यालय का संचालन शुरू करने के लिए राजकीय इंटर कॉलेज भटवाड़ी में मांग की जा रही है। लेकिन जिला प्रशासन सहित राज्य प्राधिकरण और शासन की ओर से किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो रही है। दूसरी ओर सभी धाम ऑल वेदर सड़क से जुड़ चुकी हैं। लेकिन मात्र उत्तरकाशी से गंगोत्री तक के सौ किमी क्षेत्र को अछूता रखा गया है। इससे यात्रा सहित विकास पर भी बुरा असर पड़ रहा है। साथ ही भटवाड़ी तहसील में अधिकारी ही नहीं मिल रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अगर जल्द ही मांगे पूरी नहीं होती। तो आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर केशव नौटियाल, अनिल रावत, रमेश नेगी, विवेक नौटियाल, विपिन राणा, अविनाश रावत, संदीप राणा, घनानंद नौटियाल आदि मौजूद रहे।