धराली आपदा के 18 दिन बाद हर्षिल तक रास्ता खुल गया है। सीमा सड़क संगठन के कमांडर राजकिशोर के मुताबिक काली पहाड़ी एवं एक अन्य स्थान पर पहाड़ी को काटकर रास्ता खोल दिया गया है। इससे छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। उत्तरकाशी जिले के धराली में पांच अगस्त की दोपहर डेढ़ बजे आई आपदा के बाद से 68 लोग लापता हैं। सेना, स्पेशल फोर्सेज, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, बीआरओ एवं अन्य एजेंसियों की ओर से राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है। उत्तरकाशी-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भी आपदा के बाद जगह-जगह मलबा आने एवं भू-धंसाव से बंद था। सीमा सड़क संगठन के कमांडर के मुताबिक हर्षिल से आगे करीब चार सौ मीटर का तालाब बना है। जिससे पानी निकालने का प्रयास किया जा रहा है। बड़कोट तहसील के स्यानाचट्टी में शुक्रवार रात हुई बारिश के बाद यमुना नदी का जलस्तर बढ़ गया। नदी का प्रवाह तेज होने से यहां बनी झील का मुहाना अपने आप ही खुल गया। नदी का बहाव यमुनोत्री हाईवे पर बने पुल से तीन-चार फीट नीचे है। नदी के किनारे बने कुछ होटलों के निचले तल में अभी भी पानी भरा हुआ है। .