मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बृहस्पतिवार को हल्द्वानी के आर्मी हेलीपैड पहुंचे, जहां उनके स्वागत के लिए कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक बंशीधर भगत, जिला अध्यक्ष प्रताप सिंह, मंडी परिषद अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर (डब्बू), दर्जा राज्य मंत्री शंकर कोरंगा, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरम्वाल, आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री धामी ने राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय सैनिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उनके आगमन पर स्थानीय नागरिकों, पूर्व सैनिकों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने उपस्थित पूर्व सैनिकों पर पुष्पवर्षा कर उनका सम्मान किया और राज्य निर्माण तथा राष्ट्र सेवा में उनके अमूल्य योगदान को नमन किया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का हर परिवार गर्व से कह सकता है कि उसके घर से कोई न कोई भारत माता की सेवा में समर्पित है। यह देवभूमि वास्तव में वीरभूमि है, जहां की माटी में राष्ट्रभक्ति और बलिदान की भावना स्वाभाविक रूप से रची-बसी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए पूर्ण रूप से समर्पित है। उन्होंने सैनिक कल्याण विभाग के पुनर्गठन और सुदृढ़ीकरण की घोषणा करते हुए कहा कि विभाग की कार्यप्रणाली को और प्रभावी व पारदर्शी बनाया जाएगा ताकि योजनाओं का लाभ हर सैनिक परिवार तक सहज रूप से पहुंच सके।
उन्होंने बताया कि हल्द्वानी, अल्मोड़ा और पौड़ी में जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों एवं आवासीय भवनों के पुनर्निर्माण का कार्य किया जाएगा, जिससे पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि शहीद सैनिकों की नारियों को आवास निर्माण हेतु दी जाने वाली सहायता राशि दो लाख से बढ़ाकर पाँच लाख रुपये की जाएगी, जबकि शहीद सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त अनुग्रह राशि दस लाख से बढ़ाकर पचास लाख रुपये कर दी गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि हल्द्वानी में सैनिक परिवारों के 150 बच्चों के लिए एक आधुनिक छात्रावास का निर्माण किया जाएगा, ताकि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित आवासीय सुविधा मिल सके।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सैनिक अनुशासन, समर्पण और बलिदान की जीवंत मिसाल हैं। “सैनिक कभी पूर्व सैनिक नहीं होता, वह सदैव सैनिक ही रहता है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने यह भी कहा कि देश में राष्ट्रविरोधी सोच के लिए कोई स्थान नहीं है। आज भारत आत्मनिर्भर बन रहा है और सभी आवश्यक रक्षा उपकरण देश में ही निर्मित किए जा रहे हैं। उन्होंने ऑपरेशन सिंधु मेघ में स्वदेशी ब्रह्मोस और आकाश मिसाइलों की सफलता का उल्लेख करते हुए देश की तकनीकी प्रगति पर गर्व व्यक्त किया।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि वीर नारियों का सम्मान पूरे राज्य के लिए गौरव का क्षण है।