रुद्रपुर में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की नकली किताबें बेचने वाले गिरोह पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। पुलिस ने गोदाम संचालक समेत तीन लोगों पर प्राथमिकी कर विवेचना शुरू कर दी है। एनसीईआरटी दिल्ली के सहायक उत्पादन अधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि 15 मार्च को प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी ऊधम सिंह नगर ने ईमेल के जरिये सूचना दी कि कोतवाली रुद्रपुर क्षेत्र में एक गोदाम से एनसीईआरटी की नकली किताबें बरामद हुई हैं। साथ ही किताबों से भरा एक ट्रक भी बरामद हुआ है। इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाए। सूचना के आधार पर सोमवार को वह सहायक व्यापार प्रबंधक पदम सिंह भाटी के साथ रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र में कीरतपुर कोलडा में स्थित गोदाम पर पहुंचे। जहां पुलिस व शिक्षा विभाग के अधिकारियों के समक्ष उन्होंने व उनके साथ आये सहायक व्यापार प्रबंधक ने गोदाम के अंदर रखी गई एनसीईआरटी किताबों का अवलोकन किया। एनसीईआरटी के लोगो का कूटरचित ढंग से नया वाटरमार्क बनाया गया था जो एसीईआरटी प्रतीत हुआ। उनका कहना है कि एनसीईआरटी के नाम व चिह्न अंकित कर छात्रों व अभिभावकों को धोखा देने के आशय से किताबें छापकर भंडारण कर बेची जा रही हैं। जिससे भारत सरकार को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई है। गोदाम के अंदर अनुमानित 9-10 करोड़ की किताबें मौजूद है। पुलिस से जानकारी लेने पर पता चला कि गोदाम के स्वामी राजेश कुमार जैन हैं। जिनके द्वारा उक्त गोदाम को हरार हर्रा मेरठ निवासी संदीप को दिया जाना पाया गया। पुलिस की ओर से पकड़ा गया वाहन चालक अब्दुल मतीन है। इसने बताया कि नकली पुस्तकें संदीप व शाहरुख ने ही गोदाम से कैंटर में लोड कराई। सीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर गोदाम स्वामी राजेश कुमार जैन, संदीप व शाहरुख के विरुद्ध प्राथमिकी कर ली है।