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पहाड़ की लचर स्वास्थ्य सेवाओं के बीच एक और गर्भवती की मौत

पहाड़ की लचर स्वास्थ्य सेवाओं और समय पर उपचार न मिल पाने के कारण देवप्रयाग क्षेत्र में महिलाओं की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को यहाँ एक और गर्भवती महिला की जान चली गई जिससे क्षेत्र में गहरा रोष व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पौड़ीखाल के नंदोली निवासी सुनील कुमार की 21 वर्षीय पत्नी आरती देवी की तबीयत शनिवार तड़के करीब तीन बजे अचानक बिगड़ गई थी। गर्भवती का रक्तचाप बढ़ने के कारण उसे लगातार गश आ रहे थे, जिसके बाद परिजन उसे सुबह 10 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हिंडोलाखाल लेकर पहुंचे। सीएचसी में तैनात डॉ. शिवानी और अन्य स्टाफ ने उपलब्ध संसाधनों से गर्भवती की स्थिति को काबू करने का प्रयास किया, लेकिन हालत में सुधार न होने पर उसे तुरंत श्रीनगर बेस अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। अस्पताल की ओर से नर्सिंग अधिकारी शीशपाल सिंह और डॉ. शिवानी को भी मरीज के साथ भेजा गया, लेकिन दुर्भाग्यवश करीब एक घंटे बाद जब आरती को श्रीनगर बेस अस्पताल पहुँचाया गया, तो वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सीएचसी प्रभारी डॉ. अंजना गुप्ता के मुताबिक, महिला की तबीयत तड़के तीन बजे ही खराब हो गई थी, लेकिन परिजनों द्वारा इसकी सूचना न तो आशा कार्यकत्री को दी गई और न ही सीएचसी को फोन किया गया, जिस कारण मौके पर एम्बुलेंस नहीं पहुँच पाई। उनका कहना है कि यदि गर्भवती को 'गोल्डन आवर' में यानी सुबह तड़के ही अस्पताल लाया जाता, तो उसकी स्थिति इतनी नाजुक नहीं होती। इस हृदयविदारक घटना से मृतका के पति सुनील कुमार और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। क्षेत्रवासियों ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए पहाड़ की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की मांग की है।

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