कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने के बाद पहला दल सकुशल भारत लौट आया है। धारचूला पहुंचने पर यात्रियों का जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान यात्रियों ने अपने-अपने अनुभव सुनाए। यात्रियों ने कहा कि यदि अवसर मिला तो अगली बार फिर कैलाश के दर्शन के लिए जाएंगे।शुक्रवार सुबह कैलाश मानसरोवर की यात्रा पूरी करने के बाद 45 सदस्यीय दल सुबह 9:15 बजे लिपुलेख दर्रे से भारतीय सीमा में पहुंचा। आईटीबीपी के जवानों ने सभी यात्रियों का फूलमालाओं के साथ भव्य स्वागत किया। इसके बाद यात्री गुंजी पहुंचे जहां पर बीआरओ के अधिकारियों ने यात्रियों का स्वागत किया। यात्रियों ने सीमा तक सड़क निर्माण के लिए बीआरओ की सराहना की। कुछ देर रुकने के बाद यात्री दल बुंदी पहुंचे। देर शाम सात बजे यात्रियों का दल टीआरसी धारचूला पहुंचा।