धारचूला (पिथौरागढ़) । तवाघाट गुंजी आदि कैलाश यात्रा मार्ग खुलने के बाद कैलाश मानसरोवर यात्री अपने-अपने गंतव्य तक पहुंच गए हैं। पहले दल के यात्री धारचूला और चौथा दल सकुशल गुंजी पहुंच गया है। भगवान भोलेनाथ की नगरी कैलाश के दर्शन से यात्री अभिभूत नजर आए। पहले दल के यात्री रात्रि विश्राम के लिए पिथौरागढ़ रवाना हो गए हैं। बता दें कि तवाघाट-गुंजी सड़क गर्बाधार और तंपा मंदिर के बीच शुक्रवार की शाम पहाड़ी दरकने से बंद हो गई थी। सड़क के 250 मीटर के दायरे में भारी बोल्डर और मलबा आ गया था। इससे कैलाश यात्रियों को दो दिन तक सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। सोमवार को दोपहर 12 बजे सड़क खुलने के बाद पहले दल के यात्री बुदि से धारचूला और चौथा दल गुंजी पहुंचा। सड़क खुलने के बाद यात्रियों, सुरक्षा कर्मियों और स्थानीय ग्रामीणों को बढ़ी राहत मिली है। साथ ही सड़क पर दो दिन से फंसे दर्जनों वाहन धारचूला पहुंच गए हैं। पांगला थाने के हेड कांस्टेबल सोबन सिंह बनग्याल और अन्य जवान मौके पर यातायात व्यवस्था सुचारु बनाने में जुटे रहे। केएमवीएन पर्यटक आवास गृह में सातवीं बार यात्रा पर गए राजस्थान के अनिल कुमार जैन (68) ने बताया कि कैलाश पर्वत के विहंगम दर्शन हुए। पहली बार यात्रा पर गए बेड़ीनाग के बरसायत गांव निवासी भूपेश पंत (42) कैलाश दर्शन से काफी उत्साहित नजर आए। उन्होंने बताया कि चीन में शौचालयों की कमी से महिला यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बेंगलुरु से आए दंपति शैलेश सुमन और रीना सुमन ने बताया कि कैलाश पर्वत, गौरी कुंड एवं मानसरोवर के भव्य दर्शन हुए। उन्होंने कहा कि भोलेनाथ का बुलावा आने पर वह दोबारा यात्रा में जाएंगे। कैलाश यात्री केएमवीएन और चीन की व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आए। उन्होंने कहा कि भोलेनाथ की कृपा से किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।