पिथौरागढ़ के प्राथमिक विद्यालय हचीला में व्यवस्था के तहत तैनात शिक्षक को मूल तैनाती स्थल वापस भेजने से अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने स्कूल में खुद ताले लगा दिए और बच्चों को घर लेकर चले गए। इसके बाद अभिभावकों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर इस फैसले को बदलने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित शिक्षक को वापस भेजा गया तो वे अपने बच्चों को इस स्कूल में नहीं भेजेंगे। छात्रसंख्या शून्य होने पर डीडीहाट विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय को वर्ष 2018 में बंद कर दिया गया। पिछले वर्ष क्षेत्र के अभिभावकों ने अपने बच्चों का प्रवेश यहां कराया तो विभाग को यहां ताले फिर से खोलने पड़े। तब विभाग ने दूसरे स्कूल के शिक्षक को व्यवस्था के तहत यहां भेजा। वर्तमान में यहां छात्रसंख्या आठ है। इसी बीच नई नियुक्ति हुई तो नए शिक्षक को यहां तैनाती देकर पूर्व से तैनात शिक्षक को अपने स्कूल वापस जाने का आदेश जारी हुआ है। आदेश जारी होते ही अभिभावकों का आक्रोश बढ़ गया। सोमवार सुबह सभी अभिभावक स्कूल पहुंचे तो इसमें ताले लगाकर बच्चों को घर ले गए। बच्चों को घर पहुंचाने के बाद अभिभावक कलक्ट्रेट पहुंचे और संबंधित शिक्षक को वापस न भेजने की मांग की। उन्होंने कहा कि संबंधित शिक्षक के परिश्रम को देखते हुए ही बच्चों का प्रवेश यहां कराया। संबंधित शिक्षक को वापस भेजने पर वे अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे।चेतावनी देते हुए कहा जब तक यह आदेश वापस नहीं लिया जाता तब तक वे बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। इस मौके पर नरेंद्र सिंह, गोविंद राम, काजल देवी, मनीषा देवी, पूजा देवी, धर्मेंद्र सिंह, शंकर सिंह सहित अन्य अभिभावक मौजूद रहे।