पिथौरागढ़ जिले के कनालीछीना विकासखंड के मितड़ा गांव के जंगल से आई आग गुड़ौली गांव के वनों तक पहुंच गई। सरपंच के नेतृत्व में गांव के युवाओं और वन कर्मियों ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। सोमवार सुबह जंगल की आग मितड़ा मलान के जंगल से गुड़ौली के वन की सीमा तक पहुंच गई। आग के गांव की ओर फैलने की सूचना मिलते ही सरपंच रमेश पांडेय के नेतृत्व में मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने चीड़ की हरी टहनियों से आग बुझाने का प्रयास किया। तेज लपटों के बीच जान जोखिम में डालकर लगभग तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग बुझाने में सहयोग देने वालों में मदन मोहन, महेश चंद्र सहित वन कर्मी शामिल रहे। सरपंच रमेश पांडेय ने बताया कि चीड़ के वनों में आग का सबसे अधिक खतरा रहता है। वनों को आग से बचाने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। प्रतिदिन सुबह से ही वनों पर नजर रखी जा रही है ताकि आग लगने की घटना होने पर उस पर काबू पाकर वन्य संपदा को जलने से बचाया जा सके।