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धारचूला में नहीं बना मतदान केंद्र तो नाम वापस लेंगे दावेदार, दारमा घाटी के मतदाताओं के लिए पोलिंग बूथ बनाने की मांग

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में दारमा घाटी के दावेदारों ने मतदाताओं के लिए धारचूला विकासखंड मुख्यालय में भी मतदान केंद्र बनाने की मांग की। उन्होंने डीएम को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि ऐसा न होने पर वह नाम वापस लेंगे और मतदान नहीं करेंगे। धारचूला विकासखंड के दारमा घाटी के मतदाता और दावेदार कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने डीएम विनोद गोस्वामी को ज्ञापन सौंपकर कहा कि दारमा घाटी के अधिकांश मतदाता विकासखंड मुख्यालय में निवास करते हैं। मानसून काल में होने वाले पंचायत चुनाव के लिए मतदान करने के लिए उन्हें बदहाल रास्तों, बंद सड़कों और दरकते पहाड़ों के बीच जान जोखिम में डालकर दारमा घाटी में बनाए गए मतदान केंद्रों पर पहुंचना होगा। कहा कि दारमा घाटी के दो गांव चल और सेला में बने दो पुल ध्वस्त हो चुके हैं। फीलम गांव के ग्रामीणों को ट्राली से खतरे के बीच आवाजाही करनी पड़ रही है। दारमा घाटी को जोड़ने वाली सड़क लगातार बंद हो रही है। ऐसे में विकासखंड मुख्यालय में रहने वाले मतदाताओं के लिए मतदान के लिए दारमा घाटी पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के चुनाव में यहां के मतदाताओं की इस परेशानी को देखते हुए दारमा घाटी के साथ ही विकासखंड मुख्यालय में मतदान केंद्र बनाए गए थे। इस बार ऐसी व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में मत प्रतिशत भी घटेगा। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस पंचायत चुनाव में भी दोनों स्थानों पर मतदान की व्यवस्था नहीं की गई तो क्षेत्र के सभी दावेदार अपना नाम वापस लेकर चुनाव से किनारा कर लेंगे। ज्ञापन देने वालों में जीवन सिंह मार्छाल, कृष्ण सिंह फिरमाल, पूरन सिंह ग्वाल, जमन सिंह दताल, भीम सिंह, अरविंद सिंह, सुकराज सिंह, मनोज नगन्याल आदि शामिल रहे।

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