पिथौरागढ़ नगर क्षेत्र में नजूल यानि सरकारी भूमि पर माफियाओं की नजर है। माफिया नजूल भूमि को फ्री होल्ड कराए बगैर इसकी खरीद-फरोख्त करने के साथ ही इसमें निर्माण कार्य कर रहे हैं। प्राधिकरण ने भी ऐसे 40 मामले पकड़े हैं इनमें नजूल भूमि पर भवनों का निर्माण कार्य हो रहा है। ये मामले नजूल भूमि की अवैख खरीद-फरोख्त के आरोपों को भी बल दे रहे हैं। फिलहाल प्राधिकरण ने इन निर्माण कार्य पर रोक लगाते हुए संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को सोर नजूल फ्री होल्ड संघर्ष समिति ने नगर क्षेत्र के भीतर अवैध रूप से नजूल भूमि की खरीद-फरोख्त की जांच की मांग पर डीएम को ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि कुछ रसूखदार बगैर नजूल भूमि को फ्री होल्ड कराए ही सरकार को राजस्व का चूना लगाकर करोड़ों रुपये में इसे बेच और खरीद रहे हैं। इस भूमि पर पक्के निर्माण भी किए जा रहे हैं जो नियमों के खिलाफ है। नगर के पुराना बाजार, नयाबाजार, सिमलगैर वार्ड में कुछ लोगों ने नजूल भूमि को बिना मालिकाना हक हासिल किए ही खरीदा-बेचा है। उन्होंने नगर निगम और प्राधिकरण की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए इन प्रकरणों की जांच की मांग की है। वहीं प्राधिकरण भी मानता है कि नजूल भूमि पर बगैर मालिकाना हक हासिल किए ही लोगों ने अवैध तरीके से निर्माण कार्य किया है। प्राधिकरण ने ऐसे मामलों में संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई भी की है। इन मामलों से साफ है कि नगर में नजूल भूमि की अवैध रूप से खरीद-फरोख्त होने के साथ इसमें अवैध निर्माण कार्य हो रहा है।