हरिद्वार के टोडा एहतिमाल गांव में दबंगों द्वारा मारपीट में चोटिल पीड़ितों को पुलिस से न्याय नहीं मिला तो वह हाईकोर्ट का घेराव करने के लिए नैनीताल पहुंच गए। पूरा परिवार काले कपड़े पहनकर नैनीताल पहुंचा ही था कि पुलिस को भनक लग गयी। पुलिस ने लोगों को पकड़ वैधानिक तरीके से कोर्ट में अपनी बात रखने की बात कही तो वह वापस लौट गए। जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह तल्लीताल पुलिस को खबर मिली कि रुड़की से कुछ लोग हाईकोर्ट का घेराव करने आ रहे हैं। इसकी सूचना पुलिस को मिली तो पुलिस लोगों की तलाश में जुट गई। लगभग दो घंटे बाद पुलिस ने तल्लीताल में विरोध के लिए पहुंचे लोगों को पकड़ लिया। पूछताछ की तो उन्होंने रुड़की से नैनीताल पहुंचकर हाईकोर्ट में विरोध प्रदर्शन करने की बात स्वीकार ली। जिसके बाद पुलिस ने लोगों से मामले की जानकारी ली और आधे घंटे तक लोगों की काउंसलिंग कर वकील के माध्यम से कोर्ट में केस लड़ने की सलाह दी। विरोध जताने पहुंचे हरीश कुमार ने बताया कि तीन मई को गांव के रविदास मंदिर के बीच से कुछ लोग रास्ता बना रहे थे। जिसमें विरोध जताने पर दबंगो ने उनके घर मे घुसकर उनकी मां और बहनों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया। शिकायत के बाद मामले में पुलिस ने संबंधितों के खिलाफ पोक्सो और एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा तो दर्ज किया। लेकिन बाद में पोक्सो और एससी एसटी धाराओं को हटा दिया गया। इसके उलट दबंगो ने उनके परिवार के खिलाफ क्रॉस एफआईआर भी दर्ज करा दी। जिसके बाद बहुत कोशिश की लेकिन उनको न्याय नहीं मिल पाया। तब कुछ लोगों ने न्याय के लिए हाईकोर्ट में धरना प्रदर्शन करने की सलाह दी। लोगों की सलाह मानकर वह सोमवर को नैनीताल पहुंच गए। लेकिन पुलिस ने वकील के माध्यम से वैधानिक तरीके से हाईकोर्ट जाने की सलाह दी है। जिससे अब घर लौट रहे हैं। विरोध जताने पलटू राम, ममता देवी, रचना, चाहना देवी पहुंचे थे।