फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Nainital: पांचवें बायोटेक्नोलॉजी कॉन्क्लेव में पहाड़ों में कृषि व पशुपालन को वैज्ञानिक तकनीक से जोड़ने पर जोर

पांचवें बायोटेक्नोलॉजी कॉन्क्लेव में पहाड़ों में खेती व पशुपालन को वैज्ञानिक तकनीक के साथ बढ़ावा देने के तरीके बताए गए। बृहस्पतिवार को पटवाडांगर में आयोजित कॉन्क्लेव में मुख्य अतिथि नेशलन डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. धीर सिंह, पंतनगर कृषि विवि के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान, जैव प्रौद्योगिकी परिषद निदेशक संजय कुमार ने बताया कि जैव ई-3 नीति देश की आर्थिक प्रगति, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन के लिए जैव प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। वैज्ञानिकों ने कहा कि उत्तराखंड में कृषि, पशुपालन सहित जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में अपार संभावनाएं है। प्रदेश के शोध संस्थान मिलकर इस तरह के शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करेंगे। संवाद कार्यक्रम के जरिये कृषि विशेषज्ञों ने किसानों व उद्यमियों को वैज्ञानिक तकनीकें बताईं। इस दौरान भारत, नेपाल व रूस के वैज्ञानिक ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में पटवाडांगर केंद्र प्रभारी डॉ. सुमित पुरोहित, डॉ. पीयूष कुमार, डॉ. अविनाश शर्मा समेत 300 से अधिक शोधार्थी व काश्तकार मौजूद रहे।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें