गैरसैंण के मेहलचौरी किसान मेले की तृतीय संगीत संध्या उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक गायक पदमश्री प्रीतम भरतवाण के नाम रही। इस दौरान उनके गीतों पर मेलार्थी खूब थिरके। जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण ने रूमा झूमा बाली संध्या...,हम कुशल छौं मांजी दगड़ियों दगड़ी.. सरूली मेरु जिया लगीगे.. सहित कई प्रस्तुतियां दी। वहीं महिला मंगल दलों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।