चमोली जिले के तहसील आदिबदरी स्थित दूरस्थ गांव पुनगांव में पूरे 47 वर्षों बाद आयोजित हो रही पांडव लीला इन दिनों आस्था का केंद्र बनी हुई है। आयोजन के आठवें दिन पांडव लीला का समापन गैडा बध के साथ हुआ। इस दौरान भारी संख्या में लोग पहुंचे। इससे पूर्व सातवे दिन पांडवों ने गांव का भ्रमण किया, जहां प्रत्येक परिवार ने फल-फूल और नैवेद्य अर्पित कर उनका आशीर्वाद लिया। इससे पूर्व पांडव दल ने नदी में पवित्र स्नान कर पूर्वजों का पिंडदान किया। रात्रि के समय ढोल-दमांऊ की थाप पर पांडवों द्वारा प्रस्तुत 16 कलाओं पर आधारित नृत्य दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहा है। इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए दिल्ली और देहरादून जैसे शहरों से प्रवासी ग्रामीण भी भारी संख्या में गांव पहुंचे हैं। बिसोंणा, मालई और राठ क्षेत्र के श्रद्धालुओं की भीड़ से गांव में रौनक है।