सिद्धपीठ शैलेश्वर महादेव धाम शैलेश्वर में आयोजित शिवमहापुराण कथा के आठवें दिवस का शुभारंभ आचार्य अनमोल चमोला के भजनों के साथ हुआ। व्यासपीठ पर आसीन कथावाचक आचार्य अरबिंद प्रसाद सेमवाल ने अपनी कथा वाणी में माता पार्वती एवं भगवान शिव के दिव्य विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि शिव-पार्वती विवाह केवल एक धार्मिक घटना नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या, समर्पण और आदर्श दांपत्य जीवन का प्रतीक है।