मुहर्रम 27 या 28 जून से शुरू होगा। गुरुवार को चांद दिखा तो 27 जून को पहला मुहर्रम पड़ेगा। इस्तेकबाल ए अजा की मजलिसें बृहस्पतिवार से शुरू हो जाएंगे। शिया समुदाय के लोग दो माह आठ दिन गम-ए-हुसैन की याद में नौहा मातम व मजलिस के साथ गुजारेंगे। पहली मुहर्रम से लगातार 13 दिनों तक शहरभर में जुलूसों का सिलसिला चलेगा।