महाशिवरात्रि पर शिव-पार्वती विवाह के उत्सव का क्रम में शुक्रवार को विश्वनाथ मंदिर के टेढ़ी नीम स्थित मंहत आवास पर गौरा को कामख्या से आई हल्दी लगा कर आरंभ हो गया। शुक्रवार की शाम महंत आवास पर गौरा के विग्रह के समक्ष हल्दी-तेल का लोकाचार काशीवासियों ने पूर्ण किए। गौरा को हल्दी लगाई गई। इसके पूर्व वसंत पंचमी पर बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ की प्रतिमा के समक्ष तिलकोत्सव की परंपरा का निर्वाह किया गया था। हल्दी की रस्म के लिए गवनहिरयों की टोली संध्या बेला में महंत आवास पर जमा हो गई थी। गायन-वादन शुरू हुआ। मंगल गीतों के बीच बाबा को हल्दी लगाई गई।