सूर्य उपासना के महापर्व का उत्साह देखने को मिल रहा है। घाट किनारे वेदियां बनाई जा रही हैं। व्रती महिलाएं उन वेदियों का पूजन कर रही हैं। वाराणसी के शास्त्री घाट के किनारे बनने वाली वेदियों की तस्वीर खास है। बताते चलें कि आज खरना था और निराजल व्रत की शुरूआत के साथ कल अस्ताचलगामी सूर्य को अर्ग्य दिया जाएगा और उदयगामी सूर्य के अर्ग्य के साथ ही व्रत का समापन होगा। आपको बता दें कि कठिन व्रत से मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद मिलता है। इसके साथ ही घर में ठेकुआ और अन्य प्रसाद बनाए जाते हैं। इस व्रत में गुड़ से बने प्रसाद की महत्ता होती है। घाट किनारे सजने वाली वेदी को बनाकर सूर्य देव से आशीर्वाद मांगने की तैयारी चल रही है।