चालीसा (40 दिनों तक का उपवास) के अंतिम सप्ताह के पवित्र (मौंडी थर्सडे) को प्रभु यीशु की याद में सभी चर्चों में मसीहियों के पांव पखारे गए। कैंटोनमेंट स्थित महागिरजा में काशी धर्म प्रांत के बिशप फॉदर यूजीन जोसेफ ने 12 मसीहियों के पांव पखारे और उन्हें गुरु दीक्षा दी। इसके बाद प्रभु यीशु के बलिदान की याद में चर्चों की वेदियां वीरात हो गईं। क्रूस को बैंगनी रंग के कपड़े से ढंक दिया गया था। शुक्रवार को प्रभु यीशु को सूली पर चढ़ाए जाने का गम गुड फ्राइडे के रूप में मनाया जा रहा है।