महाकुंभ के तीन अमृत स्नान के बाद काशी में डेरा जमा रहे नागा साधुओं की पेशवाई पूर्णिमा से शुरू हो गई। बुधवार को सबसे बड़े जूना अखाड़े की पहली पेशवाई अपने आराध्यदेव के साथ निकली। दो हजार नागा साधुओं के साथ बुधवार को बैजनत्था जपेश्वर महादेव मठ से हनुमान घाट मठ तक गाजे-बाजे के साथ निकाली गई।