सावन के अंतिम व चौथे सोमवार को बाबा विश्वनाथ का रुद्राक्ष शृंगार किया गया। इसमें रुद्राक्ष के दाने से बाबा की झांकी सजाई गई। मंदिर परिसर को भी रुद्राक्ष से सजाया गया। इसे प्रसाद स्वरूप भक्तों में वितरित किया जाता है।
25 September 2026
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