छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित बिंदु माधव मंदिर में एकादशी से पूर्णिमा तक पांच अलग-अलग शृंगार होंगे। बिंदु माधव ट्रस्ट के तहत मंदिर में शरद पूर्णिमा से कार्तिक पूर्णिमा तक विविध आयोजन हो रहे हैं। रोजाना मंगला आरती, मक्खन आरती, श्रीखंड मलाई आरती और विशेष शृंगार किया जा रहा है। यह जानकारी प्रधान अर्चक एवं प्रबंधक आचार्य मुरलीधर गणेश पटवर्धन ने शनिवार को बिंदु माधव मंदिर में प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि छत्रपति शिवाजी ने इस मंदिर की स्थापना की थी। कार्तिक मास की एकादशी देव प्रबोधिनी एकादशी को भगवान बिंदु माधव का शेषशाही शृंगार किया जाएगा। इसके साथ ही द्वादशी को घोड़े पर शृंगार एवं तुलसी विवाह का भव्य आयोजन होगा। इसमें काफी संख्या में श्रद्धालु भगवान के विवाह का साक्षी बनने के लिए पहुंचते हैं। त्रयोदशी को भगवान का झूले पर शृंगार किया जाएगा। चतुर्दशी पर भगवान का हरिहर शृंगार होगा और पूर्णिमा पर भगवान का हाथी पर शृंगार किया जाएगा। इसके साथ ही अन्नकूट में 56 भोग की झांकी सजाई जाएगी।