वर्ष का दृश्यमान पहला और आखिरी चंद्रग्रहण भाद्र शुक्ल पूर्णिमा सात सितंबर को लगेगा। पितृपक्ष से पहले लगने वाला यह ग्रहण साढ़े तीन घंटे तक रहेगा। ग्रहण की शुरूआत से मोक्ष तक यह संपूर्ण भारत में दृश्यमान होगा। ग्रहण का सूतक काल नौ घंटे पहले दिन में 12:57 बजे से ही लग जाएगा। शहर के अधिकांश मंदिरों के कपाट दोपहर 12 बजे से ही बंद हो जाएंगे। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पूर्व सदस्य पं. दीपक मालवीय ने बताया कि भारतीय मानक समयानुसार ग्रहण का प्रारंभ रात्रि में नौ बजकर 57 मिनट पर, ग्रहण का मध्य काल रात्रि 11 बजकर 41 मिनट एवं मोक्षकाल रात 01:27 मिनट पर होगा। ग्रहण का स्पर्श, मध्य व मोक्ष संपूर्ण भारत में दृश्यमान रहेगा। यह ग्रहण भारत के अतिरिक्त पश्चिमी प्रशांत महासागर, हिंद महासागर, पूर्वी अंटलांटिक महासागर, अंटार्कटिका, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप में भी दिखायी देगा।