1994 बैच के पूर्व आईएएस अधिकारी प्रवीण प्रकाश ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। वाराणसी में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। सात वर्ष पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने वाले प्रवीण प्रकाश ने कहा कि अब वह अपने "कैरियर 2.0" की शुरुआत जनप्रतिनिधि के रूप में करना चाहते हैं और आम लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान पर काम करेंगे। प्रवीण प्रकाश का जन्म 1 जुलाई, 1971 को हुआ था। वह आंध्र प्रदेश कैडर के 1994 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी रहे हैं। अपने प्रशासनिक कार्यकाल में उन्होंने ओडिशा के कई जिलों में जिलाधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभाली। बाद में वह आंध्र प्रदेश सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग में प्रधान सचिव रहे। उन्होंने 30 नवंबर, 2022 से 9 जुलाई, 2024 तक वेलागापुडी स्थित स्कूल शिक्षा विभाग में प्रधान सचिव के पद पर कार्य किया। अमर उजाला से बातचीत में प्रवीण प्रकाश ने कहा कि वर्तमान राजनीतिक माहौल का विकास में अपेक्षित योगदान दिखाई नहीं देता। उनका कहना था कि एक आम नागरिक जब घर से निकले तो उसके मन में यह चिंता नहीं होनी चाहिए कि किस रास्ते से जाए ताकि जाम या अन्य परेशानी से बच सके। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी प्राथमिकता लोगों की छोटी लेकिन महत्वपूर्ण समस्याओं का समाधान करना होगी। उनका मानना है कि इन्हीं बुनियादी मुद्दों के समाधान से आम लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाया जा सकता है।