शहीदाने कर्बला के दसवें पर रविवार को 72 शहीदों के ताबूत की जियारत के लिए हुजूम उमड़ पड़ा। सरैया सदर इमामबाड़ा की फिजा गमगीन थी। एक-एक ताबूत की जियारत कर अजादार अश्कबार हो उठे। एकटक ताबूत को निहारते, आंखों से आंसू पोंछते और दुआएं करते अजादारों के होठों पर या हुसैन... की सदा थी।