सावन के पावन तीसरे सोमवार को काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजती गलियों में एक भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला, जिसने आस्था को नई ऊंचाई दे दी। प्रयागराज से आए दिव्यांग श्रद्धालु दिनेश कुमार व्हीलचेयर पर सवार होकर बाबा के दर्शन को पहुंचे। वर्षों से बाबा के दर्शन की अभिलाषा मन में लिए दिनेश अब तक शारीरिक असमर्थता और संसाधनों की कमी के चलते बनारस नहीं आ पाए थे, लेकिन इस बार उन्होंने ठान लिया था – "बाबा के दर्शन इस बार जरूर करने हैं।" बाबा ने भी अपने भक्त की पुकार सुन ली। उनके मित्रों ने सहयोग किया और उन्हें काशी ले आए। मंदिर प्रशासन ने भी मानवता और भक्ति का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करते हुए विशेष व्यवस्था की। सुरक्षा कारणों और भीड़ को देखते हुए उन्हें सीधी पहुंच दी गई और सुविधापूर्वक बाबा के दरबार तक ले जाया गया। बाबा के दर्शन करते ही दिनेश की आंखें भर आईं। उन्होंने कहा – "मैं दूसरी बार काशी आया हूं। सावन में बाबा का दर्शन कर मन को सुकून मिला। लगता है जैसे जीवन अब पूर्ण हो गया। बाबा ने मेरी पुकार सुन ली। अब किसी और चीज की कमी नहीं लगती।"