संस्कृति, परंपरा और परिवर्तन पर आधारित 15 दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन बुधवार को हुआ। बीएचयू के प्रेमचंद सभागार कला संकाय में आयोजित कार्यशाला को आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण जी महाराज ने संबोधित किया। वह महंत हनुमन्निवास अयोध्या से आए हुए हैं। उनके व्याख्यान के बाद तालियों की गड़गड़ाहट के साथ हर- हर महादेव का जयघोष पूरे परिसर में गूंज उठा। प्रसिद्ध दार्शनिक, चिंतक एवं विचारक हैं। डॉ. अवधेश दीक्षित ने बताया कि काशी कथा न्यास, भारत अध्ययन केंद्र का बीएचयू और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में कार्यशाला का आयोजन किया गया है।