यूपी में पंचायत चुनाव अगले साल होने हैं..लेकिन चुनावी तैयारी अभी से शुरू हो चुकी है....यह चुनाव सिर्फ ग्राम प्रधान चुनने की औपचारिकता नहीं है, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले का सबसे बड़ा सियासी लिटमस टेस्ट साबित होने वाला है। राजनीतिक दल इसे विधानसभा का 'सेमीफाइनल' मानकर चल रहे हैं और इसकी तैयारियों में पूरी ताकत झोंक दी है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 के लिए राज्य निर्वाचन आयोग और पंचायती राज विभाग ने चुनावी प्रक्रिया को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है. इस बीच, पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एक महत्वपूर्ण घोषणा कर दी है, जिसमें उन्होंने बताया है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत ग्राम पंचायतों में आरक्षण की व्यवस्था 2011 की जनगणना के आधार पर होगी। हर वर्ग के आरक्षण में 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। पिछले चुनाव में लागू नियमावली में निर्धारित की गई आरक्षण की रोटेशन की व्यवस्था का भी पालन होगा. जैसा कि उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को 2027 के विधानसभा चुनावों का सेमीफाइनल माना जा रहा है. वजह है प्रदेश में 57,691 ग्राम पंचायतें, 826 ब्लॉक, और 75 जिला पंचायतें.. जो देहात क्षेत्रों की बेहद बड़ी आबादी को प्रभावित करती हैं.
यूपी के पंचायती राज मंत्री ने स्पष्ट किया कि 2021 के पंचायत चुनाव में लागू नियमावली के अनुसार तय आरक्षण की रोटेशन व्यवस्था का सख्ती से पालन होगा. इसका मतलब ये है कि ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों में आरक्षण का चक्र वही रहेगा, जो 2015 को आधार वर्ष मानकर 2021 के चुनाव में लागू किया गया था. हालांकि इस बार कुछ पंचायतों में आरक्षण की स्थिति में बदलाव हो सकता है, क्योंकि कई ग्राम पंचायतें और राजस्व ग्राम शहरी क्षेत्रों में शामिल हो चुके हैं, जिससे उनकी जनसंख्या और भौगोलिक स्थिति में बदलाव आया है.
इस दौरान राजभर ने कहा कि आरक्षण के कोटे में कोटा लागू कराने के लिए वे जल्द प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी अकेले पंचायत चुनाव में उतरेगी। सभी जिलों में जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधान के पद पर चुनाव लड़ा जाएगा। गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव किसी दल के सिंबल पर नहीं होता है। ऐसे में इस चुनाव में गठबंधन का सवाल नहीं है। उन्होंने दोहराया कि 2027 में पिछड़े वर्ग के सभी नेता एकजुट होकर एनडीए की सरकार बनाएंगे।