फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

VIDEO: शिक्षकों ने प्रधानमंत्री से की अपील, 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्ति दिलाने की मांग

उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ, सुल्तानपुर इकाई ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया, साथ ही प्रधानमंत्री से अपील की है कि वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता से मुक्ति दिलाई जाए। संघ ने सर्वोच्च न्यायालय के उस निर्णय पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का अनुरोध किया है, जिसमें इन शिक्षकों के लिए टेट उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने 01 सितंबर 2025 को एक निर्णय दिया है। इसके अनुसार, जिन कार्यरत शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में पाँच वर्ष से अधिक का समय शेष है, उन्हें दो वर्ष के भीतर टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। ऐसा न करने पर उनकी सेवाएँ सुरक्षित नहीं रहेंगी। शिक्षकों का तर्क है कि उत्तर प्रदेश में टीईटी योग्यता 27 जुलाई 2011 से अनिवार्य की गई थी। इससे पहले नियुक्त सभी शिक्षक उस समय पद के लिए निर्धारित योग्यताओं को पूरा करके ही मौलिक रूप से नियुक्त हुए थे। उनकी नियुक्ति के बाद कोई अन्य योग्यता लागू करना न्यायोचित नहीं है। इस निर्णय से प्रदेश और देश भर के लाखों शिक्षक मानसिक रूप से असहज महसूस कर रहे हैं। संघ ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि भारत सरकार की ओर से इस मामले में पुनर्विचार याचिका दाखिल की जाए, या कोई ऐसा अध्यादेश लाया जाए जिससे पहले से नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्ति मिल सके।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें