सुलतानपुर जिला कारागार में 48 वर्षीय कैदी नत्थू कोरी की मंगलवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद 'बहुजन अधिकार सेना' ने मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजा है। संगठन ने मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मृतक नत्थू कोरी (पुत्र मनोहर कोरी) धनपतगंज थाना क्षेत्र के ग्राम चरथई का निवासी था। वह 25 मार्च से जिला कारागार में बंद था। जानकारी के अनुसार, 6 और 7 अप्रैल की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे उसका शव जेल के शौचालय में प्लास्टिक की रस्सी से लटका हुआ मिला। जेल प्रशासन इसे आत्महत्या बता रहा है। हालांकि, 'बहुजन अधिकार सेना' ने इसे जेल प्रशासन की गंभीर लापरवाही और मानवाधिकारों का उल्लंघन करार दिया है। संगठन के राष्ट्रीय कमांडर विजय राणा चमार द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन में कई मांगें रखी गई हैं। ज्ञापन में मांग की गई है कि मामले की मजिस्ट्रियल (न्यायिक) जांच कराई जाए। ड्यूटी पर तैनात लापरवाह जेल कर्मियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई हो। इसके साथ ही, मृतक के परिजनों को उचित आर्थिक मुआवजा और न्याय प्रदान किया जाए। संगठन ने जेलों में सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की भी मांग की है। इस घटना ने सुलतानपुर जिला कारागार की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 'बहुजन अधिकार सेना' का आरोप है कि जेल प्रशासन की निगरानी में चूक हुई है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।