समाज में किसी भी मामले में महिलाओं-लड़कियों को ही दोषी ठहराए जाने की प्रवृत्ति पर पद्मश्री डाॅ. सुनीता कृष्णन ने करारा प्रहार किया। महिला सुरक्षा, मानव तस्करी पर रोकथाम और पीड़ितों के पुनर्वास विषय पर राबटर्सगंज क्षेत्र स्थित एक होटल के सभागार में हुई कार्यशाला में उन्होंने महिला उत्पीड़न, सामान्य जन जीवन में महिलाओं-लड़कियों को आने वाली दिक्कत पर खुलकर चर्चा की। खुद के साथ हुई घटना और विपरीत हालात में भी लड़ने का जज्बा रखते हुए पद्मश्री तक का सफर तय करने के बारे में भी बेबाकी से राय रखी। मिशन शक्ति से जुड़ी टीम को महिलाओं को सशक्त बनाने, उन्हें सामाजिक-आर्थिक दोनों तरीके से मजबूत बनने के लिए प्रेरित, उनके भावनाओं का समझते हुए संबल देने और उनके मन में व्याप्त डर को निकालने के लिए प्रेरित किया। इससे जुड़े कई टिप्स भी सुझाए।