दसवीं मोहर्रम पर शुक्रवार को ताजिया और अलम का जुलूस अकीदत के साथ निकाला गया। कर्बला के शहीदों को याद करते हुए मुस्लिम वर्ग ने सीनाजनी और जंजीरी मातम कर मातम किया। इस दौरान या अली-या हुसैन की सदाएं गूंजती रही। विभिन्न अखाड़ों कलाकारों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। वहीं बच्चों ने भी लकड़ियों के साथ युद्धकला का प्रदर्शन किया।