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श्रावस्ती: भीगी फसलों को सुखाने में किसानों के छूट रहे पसीने, आंधी व बरसात ने फसलों को पहुंचाई क्षति

श्रावस्ती जिले में बुधवार रात से शुरू हुए आंधी व बरसात के सिलसिले ने किसानों की समस्या बढ़ा दी। आए दिन हो रही बरसात जहां एक ओर किसानों की फसल बर्बाद कर रही है वहीं दूसरी ओर सरकारी आंकड़ों में फसलों को सुरक्षित बताया जा रहा है। ऐसे में बे मौसम हो रही बरसात ने किसानों के लिए परेशानी बढ़ा दी है। तराई में रविवार शाम एक बार फिर मौसम अचानक बदल गया और देखते ही देखते आसमान में काले बादल छा गए। तेज हवा के साथ हुई बरसात ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। दिन में खिली चटख धूप में जहां किसान अपनी गीली फसलों को सुखाने का जतन कर रहे थे। वहीं शाम को हुई बरसात ने एक बार फिर न सिर्फ फसलों को भिगो दिया बल्कि तेज हवाओं ने सूखने के लिए खोलकर रखे गए गेहूं के गट्ठरों को भी तितर-बितर कर दिया। ऐसे में सोमवार सुबह जब चटख धूप खिली तो पुन: किसान बिखरी फसलों को समेटने व उसको सुखाने में जुट गए। ग्राम भुड़कुलवा के किसान सुंदरलाल ने बताया कि बार-बार हो रही बरसात से गेहूं के दाने खराब हो जाएंगे। हरदत्तनगर गिरंट के किसान हसन अली का कहना है कि भीगने के बाद मड़ाई के समय कुछ दाने भूसे में भी चले जाते हैं। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। 25115 किसानों ने कराया फसल बीमा दैवीय आपदा में होने वाली क्षति की भरपाई के लिए फसल बीमा योजना चलाई जा रही है। उप निदेशक कृषि सुरेंद्र चंद्र चौधरी ने बताया कि जिले के कुल 25115 किसानों ने ही फसल बीमा कराया है। वहीं इस बार बरसात से क्षति की सूचना मात्र दो किसानों ने आईजीआरएस के माध्यम से दी है। इसके लिए संबंधित बीमा कंपनी को सर्वे कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। हालांकि अभी तक बरसात से कोई विशेष नुकसान नहीं हुआ है।

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