श्रावस्ती में इकौना के इमलिया के ग्रामीणों पर दैवीय आपदा कहर बनकर टूट रही है। पहले राप्ती नदी ने कटान में आशियाना छीना तो अब आग की लपटों ने रहने का ठिकाना। ऐसे में प्रभावित परिवार अब विद्यालय के निकट तिरपाल तानकर गुजर बसर करने को विवश हैं। शनिवार को गांव पहुंचे डीएम-एसपी और विधायक ने सरकारी सहायता राशि एवं राहत सामग्री प्रदान की। इमलिया गांव करीब 12 वर्ष पूर्व राप्ती नदी की कटान की भेंट चढ़ गया। ऐसे में विस्थापित हुए 40 परिवार मार्ग किनारे फूस का छप्पर व झोपड़ी बनाकर गुजर बसर कर रहे थे। शुक्रवार दोपहर आग लगने से 19 झोपड़ियां जल गईं। प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हो गए। शनिवार को विधायक रामफेरन पांडेय के साथ डीएम अजय कुमार द्विवेदी व एसपी घनश्याम चौरसिया गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ितों को आठ-आठ हजार रुपये की सरकारी सहायता प्रदान की। साथ ही उन्हें राशन मुहैया कराया गया। रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव अरुण कुमार मिश्र की ओर से मेडिकल किट आदि प्रदान की। डीएम ने बताया कि सभी पीड़ितों को मुख्यमंत्री आवास दिलाने के लिए बीडीओ को निर्देश दिए गए हैं।