शामली के कांधला क्षेत्र के सुन्ना गांव में कांवड़ यात्रा के दौरान भक्ति और मातृ-पितृ सेवा की अनूठी मिसाल देखने को मिली। गौरव और खुशी अपनी मां, जबकि बादल और शिवम अपनी दादी को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से गांव लेकर पहुंचे। वहीं लाला 144 किलो गंगाजल की भारी कांवड़ लेकर पहुंचे। गांव पहुंचने पर कांवड़ियों का ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के साथ भव्य स्वागत हुआ। युवाओं की सेवा भावना की ग्रामीणों ने सराहना की।