शामली जनपद के गढ़ीपुख्ता क्षेत्र में गांव गंदेवड़ा के जंगल में लगातार हो रही भारी बारिश अब किसानों के लिए संकट बन गई है। बारिश के दबाव से सहारनपुर जनपद के गांव बैरखेड़ी गुजर की सीमा की ओर बहने वाला रुहाड़ा नाले की पटरी टूट गई, जिससे पानी खेतों में घुस गया। इससे कई किसानों की पकी हुई धान और गन्ने की फसलें जलमग्न होकर खराब हो रही हैं। धान की फसलें पकने की स्थिति में थीं, लेकिन जलभराव ने उन्हें पूरी तरह नष्ट कर दिया है। किसानों ने चिंता जताई है कि अगर जल्द समाधान नहीं किया गया तो और भी नुकसान होगा। ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर आने तक की जहमत नहीं उठा रहे हैं। गांव गंदेवड़ा निवासी इंद्राज सिंह, जयप्रकाश, भूषण, बिट्टू, रामकुमार और अनुज कश्यप ने बताया कि शामली से अंबाला हाईवे के निर्माण के बाद बारिश के पानी की निकासी बाधित हो गई है। पहले जहां पानी बहकर बाहर निकल जाता था, अब वही पानी खेतों में रुक कर फसलों को डुबो देता है। किसानों ने बताया कि जलभराव की इस गंभीर समस्या को लेकर उन्होंने कई बार सिंचाई विभाग, जनप्रतिनिधियों और आलाधिकारियों से शिकायत की, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। क्षेत्र में नाले व नालियों की उचित सफाई और नाला मरम्मत की मांग लंबे समय से उठ रही है, लेकिन प्रशासन की अनदेखी से हर साल बरसात में यही हालात सामने आते हैं। अब किसान सरकार और प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं कि जल्द से जल्द नाले की मरम्मत कराई जाए और खराब हुई फसल का मुआवज़ा दिया जाए, जिससे उनका जीवन यापन सुचारू रूप से चल सके।