भगवान भोलेनाथ की भक्ति उम्र की मोहताज नहीं होती। इसका उदाहरण शनिवार को शामली में देखने को मिला, जब महज चार साल का अक्षी अपनी बड़ी बहन साक्षी और पिता के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेकर पहुंचा। नन्हे कांवड़िये को देखकर रास्ते में लोगों की निगाहें उस पर टिक गईं। शामली पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने उसका स्वागत किया और उसकी आस्था की सराहना की। हरियाणा के पानीपत के बापौली निवासी जोगिंदर ने बताया कि परिवार में लगातार तीन बेटियों के जन्म के बाद उनकी बड़ी बेटी ने भगवान भोलेनाथ से मन्नत मांगी थी। उसने संकल्प लिया था कि अगर परिवार में बेटा हुआ तो वह अपने छोटे भाई के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेकर आएगी। भगवान भोलेनाथ की कृपा से परिवार में बेटे का जन्म हुआ। इसके बाद मन्नत पूरी करने का संकल्प लिया गया। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए शनिवार को चार वर्षीय अक्षी अपनी बहन के साथ हरिद्वार से गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा पर निकला।